बायजू’ज एप के फाउंडर बायजू रविन्द्रन ने एक साक्षात्कार में कहा कि किसी भी स्मार्ट आंत्रप्रेन्योर में तीन खास बातें होनी चाहिए। पहली यह कि वह अपनी खूबियों को ठीक से जानता हो और उन्हें अपने काम में इस्तेमाल भी कर सकता हो। दूसरी यह कि वह मौकों को तलाश कर सके और देख पाए कि वे अवसर उसके बिजनेस के लिए रेलेवेंट हैं या नहीं। तीसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि उसमें नए मार्केट को समझने और उसके अनुसार बिजनेस को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने का हुनर हो। इन्हीं कुछ मापदंडों का ध्यान रखकर मैंने अपने बिजनेस में सफलता हासिल की है। इसके अलावा एक सफल आंत्रप्रेन्योर बनने के लिए आपके पास एक बेहद महत्वपूर्ण मकसद भी होना चाहिए, जिसमें बहुत लोगों का फायदा हो, जैसे मेरा मकसद था लर्निंग को एक आसान तरीका बनाना। जब आपके पास मकसद हो तो उसकी जड़ों तक जाएं और समाधान ढूंढें। शुरू से ही प्लानिंग करते चलें। इसके साथ ही अपनी एक टीम बनाएं और उस पर पूरा भरोसा करें।

जितना क्लासरूम में सीखते हैं उससे कहीं ज्यादा बाहर सीखते हैं
उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता ने कभी भी मुझ पर पढ़ाई का दबाव नहीं डाला। इसका नतीजा यह रहा कि मैंने जो भी किया वह अपने विवेक से किया। मैंने क्रिकेट कमेंटरी सुनकर इंग्लिश सीखी। असल में हम जितना क्लासरूम में सीखते हैं उससे कहीं ज्यादा बाहर सीखते हैं। इसके अलावा मैंने स्पोर्ट्स से भी बहुत कुछ सीखा। मसलन, हमें टीम में कैसे परफॉर्म करना है, प्रेशर में कैसे काम करना है आदि। यह सब आगे चलकर एक बिजनेसमैन के तौर पर मेरे बहुत काम आया। खेलों से सीखी गई बातों ने मुझे आंत्रप्रेन्योरशिप के अनमोल सबक दिए हैं। जहां तक पढ़ाई की बात है, मैंने महसूस किया है कि अधिकतर बच्चों में यह स्पष्टता नहीं होती कि वे क्या करना चाहते हैं। दरअसल हमें पढ़ाई को एक इंटरेस्टिंग लर्निंग प्रोसेस के रूप में लेना चाहिए और जितना ज्यादा यह प्रक्रिया दिलचस्प होगी, आपको सीखने में भी उतना ही मजा आएगा।

विनम्र रहें और जमीन से जुड़े रहें
उन्होंने कहा कि किसी भी बिजनेस के साथ-साथ जिंदगी में भी यह जरूरी है कि आप विनम्र रहें और जमीन से जुड़े रहें। इससे आप अपने काम को और बेहतर ढंग से कर पाएंगे। याद रखें कि बिजनेस और लाइफ दोनों में अपने सबसे बड़े प्रतिस्पर्धी हम खुद हैं। हम जब ऐसा सोचेंगे तभी बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे और यही सोच हमें आगे लेकर जाएगी।