जयपुर। राजस्थान की प्रतिष्ठित कला संस्था कलावृत्त द्वारा राजस्थान ललित कला अकादमी के सौजन्य से राष्ट्रीय समसामयिक लघु चित्रण कार्यशाला-द्वितीय का शुभारंभ हुआ। राजस्थान ललित कला अकादमी के सचिव रजनीश हर्ष ने बताया कि कलागुरु सुमहेन्द्र जी के 78वें जन्मदिवस के अवसर पर यह कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होंने चित्रकारों से कहा कि आपको सुमहेन्द्र जी की कार्यशैली और सृजन के प्रति समर्पित भावना को अपने ध्यान में रखकर आप सभी को बढ़े उत्साह से इस कार्यशाला में अपना चित्रण करना है।
संस्था के अध्यक्ष संदीप सुमहेन्द्र ने बताया कि कार्यशाला का यह द्वितीय संस्करण है। इसमें चित्रकार अपने-अपने क्षेत्र की पारंपरिक लघु चित्रण शैलियों की चित्रण तकनीक का अपने चित्रण में समावेश करते हुए वर्तमान में उनके आस-पास घटित घटनाओं को चित्रित करेंगे। उद्देश्य यह है कि लुप्त होती पारम्परिक कला को फिर से लोगों के लिए वर्तमान समयानुसार और अधिक आकर्षक बना इसका उत्थान किया जाए। साथ ही नई पीढ़ी के चित्रकारों को लघु चित्रण शैलियों की चित्रण तकनीक को समझने एवं उससे प्रेरणा लेकर अपना सृजन करने की प्रेरणा मिले। चित्रकारों के चित्रण एवं सृजनात्मकता के आधार पर चयन समिति द्वारा 151 चित्रकारों का चयन किया गया।
वरिष्ठ चित्रकार हरशिव शर्मा ने कहा कि मुझे चित्रकार बनने की प्रेरणा मिली उस समय मैं 10-12 वर्ष का ही था और उनका स्टूडियो मेरे घर के पास ही था। सुमहेन्द्र जी स्टूडियो की खिडकी के पास टेबल लगाकर अपना चित्रण कार्य करते और मैं उन्हें देखा करता और फिर अपने चित्र बनाने का प्रयास करता। उन्होंने ट्रेडिशनल टेक्निक में बहुत नए-नए प्रयोग कर समसामयिक विषयों को अपने चित्रों में सृजित किया।

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