जयपुर। निम्स विश्वविद्यालय विधि विभाग की ओर से चंदवाजी पंचायत भवन में निःशुल्क विधिक सहायता केन्द्र स्थापित किया गया है। सप्ताह में चार दिन इसमें विधि विभाग के सीनियर अध्यापक और छात्र जरूरतमंदों को निःशुल्क कानूनी परामर्श देंगे। इसकी घोषणा निम्स विश्वविद्यालय के निदेशक डा. अनुराग तोमर और रजिस्ट्रार डा. संदीप त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से की। चंदवाजी के क्षेत्रीय निवासियों  अब उन्हें धन के अभाव में न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

चन्दवाजी के ग्राम पंचायत भवन में निःशुल्क विधिक सहायता केन्द्र का फीता काट कर उदघाटन करते हुए डा. अनुराग तोमर ने कहा कि गरीबों के लिए न्याय पाना आज भी दूर की कोड़ी है। न्याय मिलने में देरी के कारण उसका महत्व ही समाप्त हो जाता है। धन के अभाव में गरीब न्याय के लिए वर्षों भटकते रहते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। निम्स विश्वविद्यालय के अध्यापक और सीनियर छात्र उनकी हर संभव मदद करेंगे। जरूरत पड़ी तो वरिष्ठ अधिवक्ताओं की मदद भी ली जाएगी।

निम्स विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डा. संदीप त्रिपाठी ने विधिक सहायता केन्द्र को हर संभव मदद देने का आश्वासन देते हुए कहा कि यह प्रदेश में इस तरह का पहला विधिक सहायता केन्द्र है। निम्स विश्वविद्यालय विधि विभाग की प्राचार्या प्रो. मंजू कूलवाल ने इस केन्द्र की महत्ता विस्तार से बताते हुए कहा कि अब पीड़ित और मजबूरों को कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेगे। अब न्याय उनके घर चल कर आएगा। जिसे भी विधिक सहायता की जरूरत होगी वह केन्द्र पर आकर पंजीकरण कराएगा और उसके केस की गंभीरता के आधार पर विधि विशेषज्ञों से परामर्श करने के बाद उनकी समस्या का समधान किया जाएगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंदवाजी के सरपंच सीताराम बुनकर ने निम्स प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हमारी ग्राम पंचायत में निःशुल्क विधिक सहायता केन्द्र की स्थापना की गई है। उन्होंने निम्स प्रबंधन को हरसंभव सहयोग का अश्वासन दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया। ग्रामीणों और सरपंच ने अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। विधि विभाग के छात्र-छात्राओं के नाटक के माध्यम से न्याय पाने में आने वाली दुश्वारियों का मंचन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रियंका ने किया।

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