Menu Close

उपभोक्ताओं को केन्द्र में रखकर कार्य करें संस्थान : मुग्धा सिन्हा, शासन सचिव

जयपुर। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के न्यायिक सदस्य के. के. बागड़ी ने कहा कि 1986 से उपभोक्ता अधिनियम न्याय प्रशासन का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने समयबद्ध कार्य करने की जरूरत को प्रतिपादित करते हुये कहा कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिये मिलजुल कर कार्य करें एवं उपभोक्ता को जागरूक करने के साथ-साथ निर्णय की प्रक्रिया को त्वरित अंजाम दें। उन्होंने कहा कि राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के द्वारा 1 जनवरी, 2018 तक 6 हजार 193 प्रकरण में नये दर्ज 1 हजार 989 के साथ 3 हजार 377 प्रकरणों का निर्णय हुआ। इस प्रकार 170 प्रतिशत मुकदमों को निस्तारित किया गया। बागड़ी सोमवार को इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में ‘‘उपभोक्ता परिवादों का समय से निस्तारण’’ विषय पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में 37 जिला उपभोक्ता प्रतितोष मंच हैं तथा इनके माध्यम से 38 हजार 906 उपभोक्ता प्रकरणों में नयेे 12 हजार 468 दर्ज के साथ 13 हजार 340 प्रकरण निस्तारित किये गये। इस प्रकार 107 प्रतिशत मुकदमों का निस्तारण हुआ है। बागड़ी ने अच्छे कार्य करने वाले अलवर एवं सवाईमाधोपुर जिला उपभोक्ता प्रतितोष मंच के अध्यक्षों एवं सदस्यों को बधाई देते हुये कहा कि अन्य जिला उपभोक्ता जिला मंच भी इनसे सीख लेकर मुकदमों का समयबद्ध निस्तारण कर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करें।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलात की शासन सचिव मुग्धा सिन्हा ने कहा कि न्यायिक, पत्रकारिता, विभागीय सहित उपभोक्ताओं से जुड़े संस्थान उपभोक्ताओं को केन्द्र में रखकर कार्य करेंगे तभी उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हो पायेगी। उन्होंने कहा कि आज के समय में सूचनायें ज्यादा होने से उपभोक्ता को जागरूक करना चुनौती पूर्ण है। जैसे-जैसे लोकतंत्र में आगे बढ़ेंगे वैसे-वैसे लोकतांत्रिक सोच का दायरा बढ़ता जायेगा और स्वयं को उपभोक्ता की श्रेणी में शामिल पायेंगे। अतः इस ओर कार्य करने के लिये श्रेय लेने की होड़ नहीं हो, कार्य के प्रति जीने का तरीका ही उपभोक्ता को वास्तविक राहत दिलाने में मदद करेगा।
 सिन्हा ने आह्वान किया कि उपभोक्ता कानून को वित्तीय संसाधन जुटाने की प्रवृति से बचाना होगा तथा अहम के लिये परिवादों के निस्तारण की प्रवृति के लिये दीर्घकालिक संस्थागत ढांचा तैयार करना होगा ताकि ऎसे परिवादों का बेहतरीन मैकेनिज्म के द्वारा निस्तारण हो पाये। उन्होंने कहा कि अब ऎसे परिवादों के लिये लड़ाई लड़नी ही चाहिये जिसमें वित्तीय नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के सहयोग से उपभोक्ताओं के वेलफेयर के लिये 10 करोड़ रुपये से फण्ड की स्थापना की गई है, जो विभिन्न आयामों पर खर्च होंगे।
शासन सचिव ने कहा कि राजस्थान एनसीडीसीआरसी के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के मॉडल रूल्स को लागू करने में अग्रणीरहा है तथा हाल ही में लोकसभा से उपभोक्ता बिल पारित किया गया है जिससे उपभोक्ताओं के हित में कार्य करने का फ्रेमवर्क मिलेगा। उन्होंने कहा कि नये वर्ष में विजन के साथ बेहतर सोच, नवाचारों के द्वारा कार्य करने का संकल्प लिया जाये ताकि उपभोक्ताओं के हितों को वचनबद्ध ढंग से संवेदनशीलता के साथ संरक्षित किया जा सके।
 राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के पंजीयक बी एस पाण्ड्या ने कहा कि पूरी क्षमता के साथ टीमवर्क के रूप में कार्य करने पर उपभोक्ताओं के परिवादों का समय पर निस्तारण संभव है। अभी ज्यादातर मुकदमें 150 दिन में निस्तारित हो रहे हैं, जबकि 90 दिन में निस्तारित होने चाहिये। धीरे-धीरे मुकदमें निस्तारण की अवधि को कम कर उपभोक्ताओं को निर्णय द्वारा शीघ्र राहत के लिये कंधे से कंधा मिला कर काम करना होगा।
 प्रारम्भ में उपभोक्ता मामलात के निदेशक मातादीन शर्मा ने अथितियों का स्वागत करते हुये कहा कि उपभोक्ता के प्रति न्याय की स्थापना करने के लिये उपभोक्ता से संबंधित कानून एवं संस्थानों के माध्यम से परिवादों को समय रहते निस्तारित किया जाये। इसके लिये प्रावधानों को तरीके से लागू करना, पीठासीन अधिकारी का नियमित बैठना, निर्णय पर समय पर पारित होना तथा निस्तारण अधिकारियों की सेवा शर्तें समान रूप से हों, इस पर भी विचार विमर्श कर कार्य में अपनाना होगा ताकि उपभोक्ताओं के भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।
 कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने उपभोक्ता परिवादों के निस्तारण में अव्वल रहने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच अलवर के अध्यक्ष बलदेव राम चौधरी व सदस्य अशोक कुमार पारीक तथा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच सवाईमाधोपुर के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद शर्मा व सदस्य मिथिलेश शर्मा को शॉल औढ़ाकर एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह में उपभोक्ता संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Leave a Reply

%d bloggers like this: