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मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना का शुभारंभ, 118 राजकीय महाविद्यालयों में 39 पाठ्यक्रम होंगे शुरू

जयपुर। ‘मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना’ के तहत राज्य के 118 राजकीय महाविद्यालयों में कौशल दक्षता के 39 पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इसके क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को उच्च शिक्षा विभाग एवं कौशल विकास निगम के बीच एमओयू हुआ। झालाना संस्थानिक क्षेत्र में राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम कार्यालय में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि राजकीय महाविद्यालयों में अध्ययन करने वाले युवाओं के लिए देश की यह पहली ऐसी योजना है जिसमें युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगारोन्मुख कौशल से जोड़ा जाएगा। प्रथम चरण में प्रदेश के 7500 विद्यार्थियों को इस योजना से जोड़कर लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप शिक्षा के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी कौशल दक्षता के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। राजकीय महाविद्यालयों में इसी उद्देश्य से प्रतियोगिता दक्षता प्रतियोगिता योजना प्रारंभ की गई और उसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि युवाओं को शिक्षा प्राप्त करने के बाद अधिक से अधिक रोजगार मिले। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष में पढऩे वाले युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि युवा शिक्षा प्राप्ति के बाद रोजगार प्राप्ति में सफल हों या उद्यमी बन सके।
इस अवसर पर श्रम एवं रोजगार तथा कौशल विकास मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि देश में यह अपने तरह की अनूठी योजना है। राज्य सरकार इस योजना के तहत ‘प्लेसमेंट पोर्टल’ भी तैयार कर रही है। इसमें उद्यम विशेष में प्रशिक्षित युवाओं के डाटा डाले जाएंगे ताकि उनके हुनर का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल हो सके। उन्होंने कहा कि कौशल दक्षता की आवश्यकता स्कूल शिक्षा की बजाय कॉलेज शिक्षा में अधिक होती है, इसे ध्यान में रखते हुए ही विभाग ने उच्च शिक्षा विभाग से यह एमओयू किया है। इसके जरिए अब कौशल विकास निगम और उच्च शिक्षा विभाग मिलकर प्रदेश के शिक्षित युवाओं को विषय विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्रदान कराएंगे ताकि युवा स्वयं का रोजगार स्थापित कर सके या किसी विशेष उद्यम में सेवाएं देने के लिए प्रशिक्षित हो सके।
इस मौके पर श्रम एवं रोजगार विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना के तहत युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। आवेदन पत्र आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा राजस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं। महाविद्यालय अपने स्तर पर भी विद्यार्थियों को यह आवेदन पत्र नि:शुल्क उपलब्ध कराएंगे।
उच्च शिक्षा आयुक्त शुचि शर्मा ने बताया कि इस योजना से वृहद स्तर पर राजकीय महाविद्यालयों में पढऩे वाले युवाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय स्तर पर ही विशेषज्ञ ट्रेड में प्रशिक्षण से युवाओं को भविष्य में रोजगार के अवसर और दिशा प्राप्त हो सकेगी। राजस्थान कौशल एवं आजीविका मिशन निगम के महाप्रबंधक डॉ. समित शर्मा ने कौशल विकास मिशन के तहत दिए जाने वाले विभिन्न उद्यमिता प्रशिक्षणों के बारे में जानकारी दी। कॉलेज शिक्षा आयुक्त प्रदीप कुमार बोरड़ ने बताया कि राज्य के महाविद्यालयों में नवाचार अपनाते हुए ऐसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों पर जोर दिया गया है जिससे युवा शिक्षा उपरान्त त्वरित रोजगार पा सके। उन्होंने कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय द्वारा क्रियान्वित बुक बैंक योजना, ऑनलाइन शिक्षण तथा अपनाए गए विभिन्न नवाचारों के बारे में भी जानकारी दी। समारोह के दौरान मंत्री चांदना ने कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय द्वारा प्रकाशित ‘आकाशि’ न्यूज लेटर का लोकार्पण भी किया।

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