जयपुर। नीलकंठ आईवीएफ अपने 19 वर्षों की यात्रा सफल कर अनवरत तीव्र गति से आगे की ओर बढ़ रहा है। राजस्थान में अपनी प्रभावशाली कार्यप्रणाली के फलस्वरूप आज इस प्रदेश का सफलतम फर्टिलिटी हॉस्पिटल है। नीलकंठ आईवीएफ के डायरेक्टर्स डॉ. सिमी सूद और डॉ. आशीष सूद को दक्षिण राजस्थान में आईवीएफ तकनीक को लाने और इस क्षेत्र में ‘पहले टेस्ट ट्यूब बेबी’ को जन्म दिलवाने का श्रेय दिया जाता है। इनका लक्ष्य आईवीएफ द्वारा माता-पिता बने सफल जोड़ों की संतुष्टि को देखना है और साथ ही साथ जो दंपत्ति अभी तक सफल नहीं हुए हैं, उनके घर में नई खुशियों को जन्म देना है। डॉ. सिमी कहती हैं, एडवांस एआरटी सुविधा के साथ नीलकंठ आईवीएफ द्वारा अब माता-पिता बनने की राह और भी आसान हुई है।
राजस्थान स्थित यह आईवीएफ सेंटर एआरटी प्रक्रियाओं द्वारा नि:संतान दंपत्तियों के जीवन में खुशियां ला रहा है। राजस्थान के सबसे प्रतिष्ठित फर्टिलिटी क्लीनिकों में से एक, नीलकंठ आईवीएफ ने नवंबर 2020 में जयपुर में अपनी सेवाएं शुरू की। नीलकंठ आईवीएफ-जयपुर, देशभर में नि:संतान जोड़ों के लिए क्वालिटी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स उपलब्ध करवा रहा है। यह नि:संतानता के इलाज से लेकर प्रसव तक हर चीज के लिए वन-स्टॉप डेस्टिनेशन के रूप में विकसित हुआ है।
डॉ. सिमी सूद, डायरेक्टर, सीनियर कंसलटेंट रिप्रोडक्टिव मेडिसिन एंड फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट, नीलकंठ आईवीएफ कहती हैं, ‘हमारा उद्देश्य देशभर में सबसे अच्छा इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट प्रदान करना है और हम आशा करते हैं हमारे राजस्थान के मरीजों को उत्कृष्ट इलाज वाजिब खर्चे में उपलब्ध करवाया जा सके। एक सफल इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट और नि:संतान दंपत्तियों के माता-पिता बनने के द्वारा परिवारों को जो खुशी मिलती है, उससे अधिक संतुष्टि हमें और कहीं नहीं मिल सकती है।’ नीलकंठ आईवीएफ पिछले 19 वर्षों में कई गुना विकसित हुआ है। देश के सभी कोनों के लोगों को इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट प्रदान करने के लक्ष्य के साथ आज पूरे राजस्थान के उदयपुर, जयपुर और कोटा के आईवीएफ सेंटर के निर्माण के साथ आज तीनों सेंटर पर सभी इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट सुविधाएं उपलब्ध है। पिछले वर्षों में, असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) एडवांस हुई है और नीलकंठ आईवीएफ भारत में सबसे तेजी से बढ़ते एआरटी सेंटर में से एक है।
डॉ. आशीष सूद, साइंटिफिक डायरेक्टर, नीलकंठ आईवीएफ कहते हैं, ‘हमारा पहला फोकस इनफर्टिलिटी मैनेजमेंट है, और हम सबसे संभव परिणाम प्रदान करने के लिए नॉनस्टॉप काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास सभी क्षेत्रों के लोगों को इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट उपलब्ध कराने, विशेषत: सीमित संसाधनों वाले छोटे शहरों में भी सफल नि:संतानता उपचार की सुविधाओं को पहुंचाना है।

सर्टिफाइड आईवीएफ सेंटर
उदयपुर स्थित नीलकंठ आईवीएफ की कई प्रमुख विशेषताएं हैं, जिन्होंने इस आईवीएफ सेंटर को एक विशेष पहचान दिलाई है। सफलता की शृंखला की अगली कड़ी के रूप में एक और विशेष उपलब्धि है कि यह सेंटर पुरुष नि:संतानता के सफल इलाज के लिए कमिटेड है, एंड्रोलॉजी यूनिट में एक विशेष तकनीक है, उसके माध्यम से न्यूनतम शुक्राणु वाले पुरुष भी अपने स्वयं के शुक्राणु के माध्यम से संतान प्राप्ति की संभावना रखते हैं। वर्तमान में नीलकंठ आईवीएफ उदयपुर, कोटा और जयपुर में संचालित है। भविष्यगामी योजनाओं के तहत राजस्थान के कई जिलों में भी नीलकंठ आईवीएफ सेंटर की स्थापना की जाएगी, जिससे कि उस क्षेत्र विशेष के नि:संतान दंपत्ति कम खर्च और आने-जाने की परेशानी से बचते हुए आधुनिक तकनीक का लाभ उठा पाएंगे।

19 वर्षों की सफलता का सफर
नीलकंठ आईवीएफ ने वर्ष 2003 में कृत्रिम गर्भाधान लेप्रोस्कोपी सर्जरी जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ उदयपुर के फतेह सागर रोड स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर के पास अपना छोटा सा क्लिनिक प्रारंभ किया। 2007 में दक्षिणी राजस्थान का पहला आईवीएफ बेबी देने का गौरव प्राप्त हुआ। वर्ष 2019 में कोटा हाड़ौती संभाग के स्थानीय मरीजों को सुविधाएं देने हेतु कोटा में नीलकंठ आईवीएफ की शुरुआत की गई। 2020 में राजधानी जयपुर में विश्वस्तरीय सुविधाओं युक्त आईवीएफ सेंटर को प्रारंभ किया गया। उदयपुर, जयपुर और कोटा केंद्र उन्नत सुविधाओं से सुसज्जित हैं। आईवीएफ सुविधाओं के साथ चिकित्सा सुविधाएं, भू्रणविज्ञान प्रयोगशाला, योग्य डॉक्टरों, भू्रणविज्ञानियों और समर्पित कर्मचारियों की टीम यहां कार्यरत है। दो वर्ष पूर्व नीलकंठ आईवीएफ सेंटर को एनएबीएच से मान्यता प्राप्त हो चुकी है।

नीलकंठ आईवीएफ, जयपुर की कुछ विशिष्ट विशेषताएं
– रियायती व वाजिब खर्च में अत्याधुनिक तकनीक से आईवीएफ की सुविधा।
– डॉक्टरों और एम्ब्योलॉजिस्ट्स की प्रशिक्षित टीम के साथ उच्च सफलता दर।
– एडवांस टेक्नोलॉजी और उपकरणों के साथ अत्याधुनिक मॉड्यूलर भ्रूणविज्ञान लैब।
– मरीजों के उपचार में पारदर्शिता।
– नीलकंठ आईवीएफ जयपुर सेंटर विश्व स्तरीय असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) से संपन्न है ताकि नि:संतान जोड़ों को अपना परिवार शुरू करने में सहायता मिल सके। यह सुविधा आईवीएफ, आईयूआई, आईसीएसआई, लेजर हैचिंग, इक्सी, ऊसाईट स्पडिंल व्यू, फर्टिलिटी-एन्हान्सिंग, लप्रोस्कोपिक और हिस्टेरोस्कोपी सर्जरीज, एम्ब्यो फ्रीजिंग, स्पर्म सिलेक्शन, सर्जिकल स्पर्म रिट्रीवल (टीसा, पीसा, टीसी) और विट्रीफिकेशन जैसी नई तकनीकों द्वारा प्रजनन उपचार प्रदान करती है।

सामाजिक सरोकारों में भी अग्रणी भूमिका
नीलकंठ आईवीएफ सामाजिक सरोकारों में भी अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वाह करता है। अपने क्षेत्र के आसपास संचालित आंगनवाड़ी के बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा व गर्भवती स्त्रियों के पोषण आहार व चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था में सदैव अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करता है। जनजाति और ग्रामीण क्षेत्रों में नीलकंठ आईवीएफ ने शिविरों व जागरूकता अभियानों की स्थापना की। बांझपन के बारे में पुरुषों व महिलाओं को शिक्षित किया। कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किए। डॉ. आशीष सूद और डॉ. सिमी सूद ने आईवीएफ तकनीक द्वारा बच्चियों के जन्म होने के अवसर पर पौधा रोपण कर उसके संरक्षण की जिम्मेदारी लेकर एक सफल अभियान चलाया। नीलकंठ आईवीएफ संस्थान ने रत्नागिरी पर्वत पर पौधरोपण कर एक नई शुरुआत की। इसका उद्देश्य है नीलकंठ आईवीएफ फर्टिलिटी एंड टेस्ट ट्यूब बेबी में आईवीएफ तकनीक से जब भी किसी बेटी का जन्म होता है, उसके नाम से इस पर्वत पर पौधरोपण किया जाता है। पौधरोपण करने के पश्चात उसका संरक्षण भी किया जाता है। डॉ. सिमी सूद ने बताया कि उनके आईवीएफ सेंटर पर देश की सुरक्षा में संलग्न मिलिट्री फोर्स में तैनात जवानों तथा बीपीएल के लिए न्यूनतम दवा खर्च में इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

संपर्क :

नीलकंठ आईवीएफ
मोबाइल : 9057155155

उदयपुर : 10-11, स्वामी नगर, सेलिब्रेशन मॉल, भुवाणा, उदयपुर

जयपुर : 196, स्कीम नंबर 16, गिरनार कॉलोनी, गांधी पार्क, विशाल मेगा मार्ट के सामने, वैशाली नगर, जयपुर

कोटा : 1-टी, 19, बत्रा क्लिनिक के सामने, विज्ञान नगर के समीप, कोटा