60 साल की स्वरूप रावल का अधिकांश समय बच्चों के बीच गुजरता है। वह कभी महाराष्ट्र के किसी गांव से आने वाले जनजातीय समुदाय के बच्चों को पढ़ाती हैं तो कभी सूरत-मुंबई के एलीट स्कूल के बच्चों को लाइफ स्किल एजूकेशन तकनीक से टीचिंग करती हैं। स्वरूप रावल गुजरात-सूरत के कई स्कूल्स में बच्चों को पढ़ा रही हैं, तो वहीं गरीब बस्तियों में जाकर सुविधाओं से दूर जरूरतमंद बच्चों को भी एजूकेशन दे रही हैं। वह पारंपरिक शिक्षा पद्धतियों से अलग पढ़ाने में नाटक, गीत, संगीत, चित्रकला, समूह चर्चा जैसी तकनीकों का सहारा लेती हैं। वह सैटेलाइट से गुजरात के ढाई लाख प्राइमरी स्कूल टीचर्स को ट्रेनिंग दे चुकी हैं। महाराष्ट्र के 5.5 लाख गवर्नमेंट टीचर्स को भी ट्रेनिंग दे रही हैं। वह वर्के फाउंडेशन के दस लाख डॉलर पुरस्कार राशि वाले ‘ग्लोबल टीचर प्राइज 2019’ में रनरअप रहीं।
स्वरूप रावल ने सोचा नहीं था कि वे कभी टीचर बनेंगी। स्वरूप के पिता बचु संपत गुजराती थिएटर आर्टिस्ट थे। मां सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट थीं। स्वरूप पिता की ही तरह गुजराती थिएटर करती थीं। 1979 में वह मिस इंडिया बनीं। इसके बाद मॉडलिंग और एक्टिंग शुरू कर दी, लेकिन असल पहचान 1984 में शुरू हुए टीवी सीरियल ‘ये जो है जिंदगी’ से मिली। इसके बाद ‘शांति’ जैसे टीवी सीरियल में एक्टिंग की। कुछ और सीरियल्स के अलावा स्वरूप अब तक लगभग एक दर्जन फिल्मों में अभिनय कर चुकी हैं।
स्वरूप की 1987 में अभिनेता परेश रावल से शादी हुई। दोनों एक दूसरे को 17 साल से डेट कर रहे थे। शादी के बाद जब बच्चे हुए, तो 37 साल की स्वरूप ने दोबारा पढऩे का मन बनाया। वह कॉलेज ड्रॉपआउट थीं। 2010 में उन्होंने अन्नामलाई यूनिवर्सिटी से इंग्लिश लिटरेचर में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसके बाद इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ वॉर्सेस्टर जाकर एजूकेशन में अपनी पीएचडी पूरी की। स्वरूप की थीसिस का विषय ‘बच्चों में ड्रामा के माध्यम से लाइफ स्किल्स बढ़ाना…’ था।
स्वरूप को टीचिंग में आने की प्रेरणा उनके बच्चों को देखकर मिली। उन्होंने यह बात नोटिस की कि उनके दो बेटे अनिरुद्ध और आदित्य स्कूल से आते, तो स्ट्रैस में होते। बकौल स्वरूप, स्कूल के सिलेबस या एजूकेशन बोर्ड में कोई गलती नहीं थी, लेकिन जिस तरह से टीचिंग की जा रही थी, वह चिंताजनक थी। बच्चों को उस नन्हीं उम्र में तनावग्रस्त देखकर स्वरूप ने टीचिंग करने का निश्चय किया। उनके मन में पढ़ाई के तरीके बदलने का विचार आया।