केरल की ‘वॉकिंग लाइब्रेरियन’ के नाम से पहचानी जाती है 65 वर्षीया केपी राधामणि। वायनाड के मोठाक्करा में पिछले एक दशक से राधामणि रोजाना लोगों को घरों तक किताबें पहुंचा रही हैं। चलती-फिरती लाइब्रेरियन राधामणि कहती हैं कि पढऩे का सुख सबसे बड़ा है। पिता ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे, इसलिए उन्हें अखबार पढ़कर सुनाना मेरा रोज का नियम था। पूरी की पूरी किताब उन्हें पढ़कर सुना देती थीं। रिश्तेदारों को पत्र भी मैं ही लिखकर भेजती। कब उन काले अक्षरों से रिश्ता बन गया, पता ही नहीं चला। इसके बाद लाइब्रेरियन बनने का चुनाव किया। मैंने 2012 में वायनाड के मोठाक्करा में प्रतिभा लाइब्रेरी जॉइन की। ये पब्लिक लाइब्रेरी वायनाड में पिछले छह दशकों से है। लेकिन ग्रामीण अंचलों में लोग कामकाज की व्यस्तता के कारण पुस्तकालय नहीं जा पाते थे। खासतौर पर महिलाएं वक्त नहीं निकाल पाती थीं। ऐसे में मैंने तय किया कि लोग भले लाइब्रेरी न आ पाएं, लाइब्रेरी तो उनके घर जा सकती है न! बस यहीं से वॉकिंग लाइब्रेरी शुरू हो गई। मैंने कपड़े के बैग में 25-30 किताबें रखीं और लाइब्रेरी मैंबर्स, खासतौर पर महिलाएं और बुजुर्गों के घर जाकर किताबें बांटना शुरू कर दिया। किताबें देकर आठ दिन बाद वापस ले लेती और इसका सारा लेखा-जोखा रजिस्टर में दर्ज करती।
गांव में ऐसे भी जनजातीय इलाकें हैं, जहां गाड़ी से चलना मुश्किल काम है। इन समुदाय के बच्चों के लिए किताबें सुलभ नहीं हैं। ऐसे में मैं बैग लेकर रोज 4 से 6 किलोमीटर पैदल चलकर किताबें बांटतीं। काम थकाऊ था, लेकिन लोगों की रुचि देखते हुए उत्साह बढ़ता गया। अब आलम ये है कि बच्चे पहले ही फोन कर देते हैं। गांव में महंगी से महंगी किताबें लोगों को महज 5 रुपए में पढऩे को मिल रही है। लोग सिर्फ साप्ताहिक मैगजीन तक सीमित नहीं हैं, विभिन्न विषयों की किताबें पढ़ रहे हैं। लाइब्रेरी में मलयालम, हिंदी और अंग्रेजी में करीबन 11 हजार से ज्यादा किताबें हैं। राधामणि बताती हैं कि इतने सालों में वह हर महीने औसतन 500 से 550 किताबें लोगों को घरों में डिलीवर कर रही हैं। पिछले दस सालों से ये सिलसिला बदस्तूर जारी है। हालांकि कोरोना के कारण थोड़ा बीच में ब्रेक आया, लेकिन लिखना-पढऩा जारी रहा। राधामणि कहती हैं कि पढऩे से आपकी दुनिया विशाल होती जाती है और इससे एक नजरिया विकसित होता है। अब तो कई पाठक खुद ही किताबों की समीक्षा करके खुद उन्हें नई-नई किताबें लाइब्रेरी में जोडऩे का सुझाव देते हैं।